फिरोजाबाद। श्री स्वामी बच्चू बाबा सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को ‘नमामि भारतम्-वन्दे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में सामूहिक गान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पाँच हजार से अधिक लोगों ने सहभागिता की। सामूहिक रूप से वन्दे मातरम् के गायन से विद्यालय परिसर राष्ट्रभावना से ओतप्रोत हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार वर्मा ने अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका स्वागत किया। इसके बाद विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वन्दे मातरम् का गायन किया।

मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी शत्रुघ्न वैश्य ने कहा कि वन्दे मातरम् देशवासियों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने वाला गीत है। उन्होंने विद्यार्थियों से शैक्षिक भ्रमण के दौरान ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को भी शामिल करने की अपील की, जिससे उन्हें देश की संस्कृति और विरासत को समझने का अवसर मिले।
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृभूमि के साथ-साथ प्रकृति और जीव-जड़ीय वस्तुओं को भी मातृभाव से देखने की परंपरा रही है। वन्दे मातरम् इसी सांस्कृतिक भाव को व्यक्त करता है और इसमें राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना दिखाई देती है।
कार्यक्रम में भारतीय शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश के मंत्री डॉ. प्रभास्कर राय ने वन्दे मातरम् के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जन-जन में राष्ट्रभावना जगाने का माध्यम बना। समय के विभिन्न दौर में इसके सामने कई परिस्थितियाँ आईं, लेकिन राष्ट्रीय जीवन में इसकी प्रासंगिकता बनी रही।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रबंधक डॉ. आनंद कुमार मित्तल ने अतिथियों, अभिभावकों, छात्र-छात्राओं और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। इस दौरान विभाग प्रचारक अखिलेश, अमर सिंह, सुधीर उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।