“आचार्य सिर्फ शिक्षक नहीं, चरित्र निर्माण के सूत्रधार हैं — डोमेश्वर साहू जी”
एटा। सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जीटी रोड में विद्या भारती ब्रज प्रदेश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक उन्नयन के उद्देश्य से आयोजित नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग 2025 दिनांक 3 जुलाई से प्रारंभ होकर 10 जुलाई 2025 को गरिमामय समापन समारोह के साथ सम्पन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण वर्ग में सीबीएसई से संबद्ध सात विद्यालयों के 16 शिक्षक तथा यूपी बोर्ड के 13 विद्यालयों के 33 आचार्य बंधुओं सहित कुल 20 विद्यालयों के 49 शिक्षकों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण वर्ग में एक केंद्रीय अधिकारी, दो क्षेत्रीय अधिकारी, सात प्रांतीय अधिकारी तथा छह विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षक उपस्थित रहे और उन्होंने शिक्षकों को शैक्षिक नवाचारों, मूल्यों एवं शिक्षण पद्धतियों पर समृद्ध मार्गदर्शन प्रदान किया।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि विद्या भारती पश्चिमी उत्तर प्रदेश के माननीय क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री डोमेश्वर साहू जी ने अपने संबोधन में कहा कि “एक आचार्य केवल विषय ज्ञान का संवाहक नहीं, अपितु चरित्र निर्माण का सूत्रधार होता है। यह प्रशिक्षण वर्ग इसी दिशा में एक सशक्त प्रयास है।”

उन्होंने विद्या भारती की प्रभावी वंदना सभा, पंचपदी शिक्षण पद्धति और आधारभूत विषयों के गहन अभ्यास पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवीन आचार्य प्रशिक्षण से शिक्षकों में न केवल शिक्षण कौशल में वृद्धि होती है, बल्कि छात्रों से बेहतर जुड़ाव, कक्षा प्रबंधन में दक्षता तथा नवीनतम शिक्षण विधियों की समझ भी विकसित होती है। यह प्रशिक्षण शिक्षकों को व्याख्यान, समूह कार्य, परियोजना आधारित अधिगम जैसे विधाओं का प्रयोग कर छात्रों को प्रेरित करने, उनकी समझ का आकलन करने और एक सकारात्मक कक्षा वातावरण निर्मित करने में सहायक होता है।
शिक्षा एक जीवनपर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है, इसलिए शिक्षकों को निरंतर अद्यतन रहना चाहिए और नई तकनीकों को अपनाना चाहिए। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भी अपेक्षा है।
इस अवसर पर उन्होंने मातृ संस्था स्वामी विवेकानंद शिक्षा प्रसार समिति एवं विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों के साथ विद्यालय की प्रगति एवं शैक्षिक उन्नयन पर संवाद किया। उन्होंने कहा कि एटा विद्या मंदिर प्रदेश के सबसे अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में से एक है। इसे शीर्षस्थ विद्यालय बनाने के लिए प्रबंधन समिति, प्रधानाचार्य एवं आचार्यगण सामूहिक प्रयास करें। उन्होंने नई शिक्षा नीति के अनुरूप योजनाओं को व्यवहार में लाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस बैठक में मातृ संस्था के संरक्षक श्री क्षेत्रपाल उपाध्याय, उपाध्यक्ष बृजनंदन महेश्वरी, मंत्री श्री संजीव गोयल, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र कुमार वार्ष्णेय, उपाध्यक्ष विक्रम सिंह प्रेमी, प्रबंधक श्री अतुल राठी, कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश सक्सेना, एवं सदस्यगण बी.एल. वर्मा एवं मनमोहन राठी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
श्री डोमेश्वर साहू जी द्वारा विद्यालय के स्वावलंबी पूर्व छात्र-छात्राओं के साथ विद्या मंदिर के पूर्व छात्रों की सामाजिक भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि विद्या भारती का कार्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, अपितु लेह-लद्दाख व अंडमान-निकोबार जैसे दुर्गम क्षेत्रों तक फैला हुआ है। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों को समाज एवं राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर विद्यालय अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार वार्ष्णेय, प्रबंधक अतुल राठी, सदस्य डॉ. हिमांशु उपाध्याय, पूर्व छात्र परिषद के जिला अध्यक्ष लोकेश महेश्वरी, मंत्री मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष डॉ. विवेक वशिष्ठ एवं अन्य पूर्व छात्रगण उपस्थित रहे। बैठक का संयोजन पूर्व छात्र परिषद प्रमुख श्री सत्य प्रकाश पाठक द्वारा किया गया।
बैठक में नीट परीक्षा में चयनित प्रतिभाशाली छात्र संस्कार पचौरी एवं तान्या वशिष्ठ को ₹3100 की पुरस्कार राशि एवं अंग वस्त्र भेंट कर प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही विद्यालय के पूर्व छात्र भैया नितिन कुमार, जिन्होंने उत्तर प्रदेश अंडर-18 कबड्डी टीम में चयनित होकर जनपद एवं विद्यालय को गौरवान्वित किया, उन्हें भी ₹3100 की पुरस्कार राशि एवं अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राजीव गुप्ता ने सभी पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए आग्रह किया कि वे आगामी योजनाओं में जैसे स्वास्थ्य परीक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा पूर्व छात्र सम्मेलन जैसे आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाएं और विद्यालय के सतत विकास में सहभागी बनें।