पीलीभीत। आर.एस.आर.डी. सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पीलीभीत विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, ब्रज प्रदेश द्वारा आयोजित प्रांतीय शारीरिक एवं योग प्रशिक्षण वर्ग के तृतीय दिवस पर प्रशिक्षार्थियों को योग, आहार-विहार, व्यक्तित्व विकास तथा समता विषयों पर विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। दिनभर चले विभिन्न सत्रों में प्रशिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए शारीरिक, मानसिक एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों का ज्ञान प्राप्त किया।

प्रातःकालीन संघ स्थान सत्र में क्षेत्रीय योग संयोजक श्री कमल प्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में योगाभ्यास कराया गया। इस दौरान सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन सहित विभिन्न योगासनों एवं अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी तथा नाड़ी शोधन जैसे प्राणायामों का अभ्यास कराया गया। योग सत्र में प्रदेश योग प्रमुख श्री सुभाष कुमार, योग शिक्षिका सुश्री चंचल रानी तथा श्री लोकेंद्र जी का विशेष सहयोग रहा।
प्रथम सत्र का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। विद्यालय के सह-प्रबंधक श्री अनुराग गुप्ता ने मुख्य वक्ता श्री सत्यपाल सिंह का रोली तिलक एवं पटका पहनाकर स्वागत किया। श्री सत्यपाल सिंह जी जन शिक्षा समिति, मेरठ के पूर्व प्रदेश निरीक्षक, शिशु शिक्षा समिति, मेरठ के पूर्व प्रदेश निरीक्षक तथा वर्तमान में विद्या भारती पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय खेलकूद संयोजक के रूप में दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
अपने उद्बोधन में श्री सत्यपाल सिंह ने “आहार-विहार एवं व्यक्तित्व विकास” विषय पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके आहार, व्यवहार, विचार एवं दिनचर्या से निर्मित होता है। उन्होंने सात्विक आहार, संयमित जीवनशैली, समयपालन तथा सकारात्मक सोच को सफल एवं संतुलित जीवन का आधार बताया। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को भारतीय भोजन पद्धति, स्वास्थ्यवर्धक दिनचर्या तथा आत्मविकास के विभिन्न आयामों की जानकारी देते हुए प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
प्रांतीय शारीरिक एवं योग प्रशिक्षण वर्ग के द्वितीय सत्र में नगर क्षेत्रीय योग शिक्षा संयोजक एवं जन शिक्षा समिति, शाहजहाँपुर के जिला निरीक्षक श्री कमल प्रकाश जी ने “योग भगाए रोग” विषय पर प्रशिक्षार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की संपूर्ण जीवन-पद्धति है। उन्होंने विभिन्न रोगों में उपयोगी योगासनों एवं प्राणायामों की जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रांतीय शारीरिक एवं योग प्रशिक्षण वर्ग के तृतीय सत्र में श्री सुरेन्द्र कुमार गोला जी, पूर्ण कालिक सेवा एवं जिला समन्वयक, शिशु शिक्षा समिति, ब्रज प्रदेश (मथुरा) ने “समता” विषय पर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने समता की विभिन्न आज्ञाओं, संचलन, कदमताल एवं समूह अनुशासन का अभ्यास कराते हुए बताया कि समता का नियमित अभ्यास व्यक्ति में अनुशासन, एकाग्रता, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास तथा संगठनात्मक कौशल का विकास करता है।
सायंकालीन संघ स्थान सत्र में भी समता का विशेष अभ्यास कराया गया। वहीं रात्रि अनौपचारिक सत्र में प्रशिक्षार्थियों ने देशभक्ति गीतों की मनोहारी प्रस्तुतियाँ दीं।