बरेली। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर, भुर्जी टोला में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदना सभागार में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ।
विद्यालय छात्रा माही कश्यप ने अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया। इसके उपरांत विद्यालय आचार्या अंजू सिंह एवं आचार्या चांदनी जी ने अतिथियों को पटका पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संयोजन आचार्या कमलेश मौर्य ने किया तथा संचालन विद्यालय छात्रा सपना वर्मा ने किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। मुख्य वक्ता मोना शर्मा ने अपने संबोधन में भारत की नारियों के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सप्तशक्ति संगम विद्या भारती द्वारा आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और शास्त्रों में वर्णित नारी की सात शक्तियों—कीर्ति, श्री (लक्ष्मी), वाणी, स्मृति, मेधा, धृति (धैर्य) और क्षमा—के माध्यम से महिलाओं को सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे परिवार, समाज और राष्ट्र के उत्थान में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
मुख्य अतिथि वीना रस्तोगी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय नारी घर व समाज—दोनों क्षेत्रों में समान दक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियाँ निभाती है।
कार्यक्रम अध्यक्ष उषा सतीजा ने नारी की सक्रिय भागीदारी को किसी भी देश के समग्र विकास के लिए अनिवार्य बताया। इस अवसर पर विद्यालय की पूर्व छात्रा महिमा चौहान ने स्वरचित कविता के माध्यम से भारत की नारी की वीरता और गौरवपूर्ण इतिहास का भावपूर्ण चित्रण किया।
अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गवेन्द्र सिंह चौहान ने सभी मातृशक्ति एवं आगंतुक अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्मृति-चिह्न भेंट किए।