Vidya Bharti Braj Pradesh
Meet the Team
विद्या भारती ब्रज प्रदेश प्रचार विभाग
धर्मेन्द्र कुमार शर्मा
प्रचार प्रमुख
Mathura (Uttar Pradesh)
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विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की प्रांतीय इकाई, विद्या भारती ब्रज प्रदेश, ब्रज क्षेत्र के 12 जिलों में शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही है। इसके अंतर्गत 5 समितियाँ संचालित हैं – भारतीय शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश, भारतीय शिक्षा समिति पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र, भारतीय श्रीविद्या परिषद, शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश, और जन शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश। ये समितियाँ शिशुवाटिका, सरस्वती शिशु मंदिर, सरस्वती विद्या मंदिर, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, संस्कार केंद्रों, एकल विद्यालयों, और महाविद्यालयों का संचालन करती हैं।
ब्रज प्रदेश के 373 विद्यालयों और 300 शिशुवाटिकाओं में 1,52,000 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जिनके सर्वांगीण विकास के लिए 5,468 आचार्य समर्पित हैं। इसके अतिरिक्त, 423 संस्कार केंद्रों के माध्यम से नैतिकता और भारतीय संस्कृति का संवर्धन किया जा रहा है।
इन संस्थानों में शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान देना नहीं है, बल्कि छात्रों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों से ओत-प्रोत करते हुए उन्हें अच्छे नागरिक और समाज के लिए उपयोगी व्यक्ति बनाना है। सह-शैक्षिक गतिविधियों, खेल, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास सुनिश्चित किया जाता है।
1952 में संघ प्रेरणा से कुछ निष्ठावान लोग शिक्षा के पुनीत कार्य में जुटे। राष्ट्र निर्माण के इस कार्य में लगे लोगों ने नवोदित पीढ़ी को सुयोग्य शिक्षा और शिक्षा के साथ संस्कार देने के लिए "सरस्वती शिशु मंदिर" की आधारशिला गोरखपुर में पांच रुपये मासिक किराये के भवन में पक्की बाग़ में रखकर प्रथम शिशु मंदिर की स्थापना से श्रीगणेश किया।
सम्पूर्ण भारत में 86 प्रांतीय एवं क्षेत्रीय समितियाँ विद्या भारती से संलग्न हैं। इनके अंतर्गत कुल मिलाकर 30,000 शिक्षण संस्थाओं में 9,00,000 शिक्षकों के मार्गदर्शन में 45 लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा एवं संस्कार ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से 49 शिक्षक प्रशिक्षक संस्थान एवं महाविद्यालय, 2353 माध्यमिक एवं 923 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, 633 पूर्व प्राथमिक एवं 5312 प्राथमिक, 4164 उच्च प्राथमिक एवं 6127 एकल शिक्षक विद्यालय तथा 3679 संस्कार केंद्र हैं।
विद्या भारती देशभर में हजारों शिक्षण संस्थानों का संचालन करती है, जो शिक्षा के सभी स्तरों– प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में कार्यरत हैं। इसका उद्देश्य दीन-दुखी और साधनहीन समाज को शिक्षित कर स्वावलंबी बनाना है। विद्या भारती शिशुवाटिका, सरस्वती शिशु मंदिर, संस्कार केंद्र, एकल विद्यालय, और महाविद्यालय जैसे विभिन्न संस्थानों के माध्यम से शिक्षा प्रदान करती है। साथ ही, इसका अपना शोध विभाग भी शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए समर्पित है।
Mathura (Uttar Pradesh)