सरस्वती विद्या मंदिर छर्रा में हवन–यज्ञ के साथ मना बसंत पंचमी पर्व
छर्रा। श्री शांति देवी कल्याण दास सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, छर्रा में विद्या, विवेक एवं संस्कार की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की आराधना का पावन पर्व बसंत पंचमी अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं वैदिक परंपराओं के अनुरूप मनाया गया। इस शुभ अवसर पर विद्यालय प्रांगण में विधिवत हवन–यज्ञ का आयोजन कर विद्या आरंभ संस्कार संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हवन–यज्ञ से वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक एवं सात्त्विक बन गया। विद्यार्थियों ने पूर्ण श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ यज्ञ में आहुतियाँ प्रदान कीं।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य बालकृष्ण अग्रवाल ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में नवीन ऊर्जा, सृजनशीलता और चेतना के संचार का प्रतीक है। यह दिन माँ सरस्वती की आराधना का है, जो हमें ज्ञान, विवेक, वाणी और संस्कार प्रदान करती हैं।”
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में बसंत पंचमी का विशेष महत्व है। यह पर्व विद्यार्थियों को अध्ययन के प्रति समर्पण, एकाग्रता एवं आत्मानुशासन का संदेश देता है। पीला रंग उल्लास, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक है, जो विद्यार्थियों के मन में नवीन संकल्पों को जन्म देता है।
विद्यालय के प्रबंधक राकेश कुमार गर्ग ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “बसंत पंचमी भारतीय संस्कृति में शिक्षा, संस्कार और सृजनशीलता का प्रतीक पर्व है। इस दिन माँ सरस्वती की उपासना कर हम अपने भीतर छिपी प्रतिभाओं को जागृत करने का संकल्प लेते हैं। विद्यालयों में इस पर्व का आयोजन विद्यार्थियों को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने तथा उन्हें चरित्रवान, कर्तव्यनिष्ठ एवं राष्ट्रसेवी नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।”
प्रधानाचार्य श्री अग्रवाल ने विद्या आरंभ संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “हवन–यज्ञ के साथ कराया गया विद्या आरंभ संस्कार बालक के जीवन में शिक्षा की पवित्र, संस्कारयुक्त और मंगलमय शुरुआत का आधार बनता है। इससे बालक के मन में गुरु के प्रति श्रद्धा, ज्ञान के प्रति सम्मान तथा समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है।”
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक राकेश कुमार गर्ग एवं उपाध्यक्ष सुभाष अग्रवाल, नवनीत महेश्वरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का कुशल संयोजन मदनलाल द्वारा किया गया। संपूर्ण आयोजन का सफल संचालन विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य पुष्पेंद्र कुमार चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
विद्यालय समिति के अध्यक्ष राजीव बंसल ने दूरभाष के माध्यम से कार्यक्रम की शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए विद्यालय परिवार को इस संस्कारपूर्ण एवं प्रेरणादायी आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी।
इस अवसर पर आचार्य राजाराम, राजकुमार कुशवाहा, श्याम सुंदर, यादवेंद्र, रामकुमार सिंह सहित विद्यालय के समस्त आचार्यगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन माँ सरस्वती की आरती, प्रसाद वितरण एवं शांति मंत्र के साथ हुआ।





