पंचपदी अधिगम पद्धति आचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ समापन
मथुरा। कृष्ण चन्द्र गांधी सरस्वती विद्या मन्दिर इंटर कॉलेज, माधव कुंज में 15 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित चार दिवसीय पंचपदी अधिगम पद्धति आचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन समारोह संपन्न हुआ। समापन सत्र का शुभारंभ विद्या भारती ब्रज प्रदेश के प्रान्त संगठन मंत्री श्री हरीशंकर, प्रदेश निरीक्षक श्री यशवीर सिंह, जन शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष डॉ. प्रभास्कर राय, विद्यालय के सह-प्रबंधक श्री सिकन्दर सिंह, कृष्ण चन्द्र गांधी सरस्वती शिशु मंदिर मथुरा के प्रबंधक श्री कामता प्रसाद गुप्ता, ब्रज प्रान्त के शिक्षण-प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. अजय शर्मा, बी.सी.ए. डिग्री कॉलेज मथुरा के विधि विभाग के प्रोफेसर श्री सुनील कुमार राय एवं प्रधानाचार्य श्री विनय कुमार सिंह द्वारा माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
कार्यशाला के संयोजक एवं प्रधानाचार्य श्री विनय कुमार सिंह ने कार्यशाला की आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रशिक्षण के अंतर्गत कुल 19 सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सिद्धांत एवं व्यवहार, आदर्श कक्षाकक्ष, अधिगम पाठ योजना निर्माण, लर्निंग मटेरियल निर्माण तथा पाठ योजना प्रस्तुतीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। इस कार्यशाला में भारतीय शिक्षा समिति, ब्रज प्रदेश के अंतर्गत उत्तर प्रदेश बोर्ड के 12 जिलों के विद्यालयों से 29 आचार्यों ने सहभागिता की, जिन्हें 6 मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया गया।

इस अवसर पर जन शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष डॉ. प्रभास्कर राय ने अपने उद्बोधन में कहा कि पंचपदी अधिगम पद्धति को अपनाकर आचार्य अपने विषय को अत्यंत मनोवैज्ञानिक एवं प्रभावी ढंग से छात्रों के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य एवं प्रधानाचार्य के लिए पुस्तकों से प्रेम, निरंतर स्वाध्याय तथा संदर्भ पुस्तकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आचार्यों से आग्रह किया कि वे पाठ योजनाओं का निर्माण पंचपदी अधिगम पद्धति के पाँच पद— अधिति, बोध, अभ्यास, प्रयोग एवं प्रसार — को ध्यान में रखते हुए करें।

कार्यशाला में पधारे सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, प्रशिक्षार्थियों तथा व्यवस्था में संलग्न आचार्य एवं सेवक बंधुओं के प्रति विद्यालय के सह-प्रबंधक श्री सिकन्दर सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ।





