सरस्वती विद्या मंदिर ब्रज प्रदेश प्रकाशन में हिंदी पुस्तक लेखन व संपादन कार्यशाला का सफल समापन
मथुरा, 20 दिसंबर 2025। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध विद्या भारती ब्रज प्रदेश द्वारा संचालित सरस्वती विद्या मंदिर ब्रज प्रदेश प्रकाशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हिंदी पुस्तक लेखन एवं संपादन कार्यशाला का समापन 20 दिसंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यशाला 18 दिसंबर से 20 दिसंबर 2025 तक चली, जिसमें कक्षा 11 एवं 12 के सामान्य हिंदी विषय की पुस्तकों का लेखन एवं संपादन कार्य पूर्ण किया गया। कार्यशाला में तैयार की गई यह पुस्तकें नवीन शैक्षिक सत्र 2026 में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।

कार्यशाला के समापन अवसर पर डॉ. राकेश सारस्वत (शैक्षिक प्रमुख, विद्या भारती ब्रज प्रदेश), यशवीर सिंह (प्रदेश निरीक्षक, नगरीय शिक्षा) तथा डॉ. अजय शर्मा (शिक्षण–प्रशिक्षण प्रमुख, विद्या भारती ब्रज प्रदेश) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रकाशन निदेशक डॉ. राम सेवक द्वारा अतिथियों का परिचय कराते हुए शॉल उड़ाकर स्वागत के साथ किया गया। इसके पश्चात लेखक एवं संपादन मंडल का भी सम्मान अतिथियों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. राकेश सारस्वत ने कहा कि कार्यशाला के दौरान हिंदी पुस्तकों में NCF एवं NEP के अनुरूप किया गया समायोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि पाठ्यवस्तु को गतिविधि आधारित, जीवनोपयोगी एवं छात्र-केंद्रित बनाना आज की आवश्यकता है, और यह प्रयास विद्यार्थियों को न केवल परीक्षा बल्कि जीवन के लिए भी तैयार करेगा।

डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि हिंदी भाषा के प्रति छात्रों में रुचि जाग्रत करने हेतु पुस्तकों में शुद्ध, सरल एवं भावपूर्ण हिंदी का प्रयोग अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भाषा छात्रों के उच्चारण, अभिव्यक्ति तथा भाषा-संवेदनशीलता को सुदृढ़ करेगी और हिंदी के प्रति आत्मीय भाव विकसित करेगी।
वहीं यशवीर सिंह, प्रदेश निरीक्षक (नगरीय शिक्षा) ने अपने विचार रखते हुए कहा कि पुस्तकों में समाहित क्रियाकलाप, भाषण अभ्यास एवं रचनात्मक अभ्यास छात्रों की बोलने, लिखने एवं समझने की क्षमता को प्रभावी रूप से विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ भाषा के व्यावहारिक प्रयोग को भी सशक्त बनाती हैं।
कार्यशाला के दौरान संपादन मंडल में घनश्याम सिंह (पीलीभीत), अश्विनी कुमार शर्मा (अतरौली), शिवदयाल शर्मा (शिकोहाबाद), प्रद्युम्न जी (मथुरा), राम बाबू (शाहजहांपुर), मनोहर लाल (बुलंदशहर) एवं विनोद कुमार (खुर्जा) सहित सभी प्रवक्ताओं ने अत्यंत निष्ठा एवं समर्पण के साथ हिंदी पुस्तकों के लेखन एवं संपादन कार्य को प्रभावी रूप से संपन्न किया।
इस अवसर पर प्रकाशन विभाग से श्री मुकेश वर्मा, कुमार प्रखर, वृंदावन एवं सचिन की उपस्थिति रही। अंत में प्रकाशन निदेशक डॉ. राम सेवक ने सभी अतिथियों, लेखकों एवं संपादकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला को सफल बताया।





